Hindi Ghazals Messages – Best Ghazal SMS, Shayari in Hindi Language

आज भड़की रग-ए-वहशत…

आज भड़की रग-ए-वहशत तेरे दीवानों की;
क़िस्मतें जागने वाली हैं बयाबानों की;

फिर घटाओं में है नक़्क़ारा-ए-वहशत की सदा;
टोलियाँ बंध के चलीं दश्त को दीवानों की;

आज क्या सूझ रही है तेरे दीवानों को;
धज्जियाँ ढूँढते फिरते हैं गरेबानों की;

रूह-ए-मजनूँ अभी बेताब है सहराओं में;
ख़ाक बे-वजह नहीं उड़ती बयाबानों की;

उस ने ‘एहसान’ कुछ इस नाज़ से मुड़ कर देखा;
दिल में तस्वीर उतर आई परी-ख़ानों की।

~ Ehsaan Danish

terms:

  • गजल सायरी sms
  • ग़ज़ल सायरी मेसेज

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